जिला सैनिक बोर्ड/जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कार्य Duties of Zila Sainik Board/Zila Sainik Welfare Office in Hindi

जिला सैनिक कल्याण कार्यालय / जिला सैनिक बोर्ड की जिम्मेदारियां – Duties of Zila Sainik Board/Duties of Zila Sainik Welfare Offices (ZSB/ZSWO)

1. जिला सैनिक बोर्ड/जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के कार्य: देश की सशस्त्र सेनाओं के सेवारत सैनिक, सैनिक परिवार, पूर्व सैनिक, युद्ध विधवाओं और उनके आश्रितों के कल्याण, रोजगार, पुनर्वास, शिक्षा एवम अन्य लाभकारी योजनाओं को सुचाररूप से लाभार्थी तक पहुँचाने के लिए जिला सैनिक वेलफेयर ऑफिस/जिला सैनिक बोर्ड के अधिकारियों के कार्य निम्नलिखित प्रकार से हैं:-

(क) सैनिक सदभाव एवं आम नागरिक: देश की सशस्त्र सेना के बारे में आम जनता को जानकारी देना, आम नागरिक, सेवारत सैनिक एवम भूतपूर्व सैनिकों के बीच सद्भावना को बढ़ावा देना तथा नौजवानों को सेना के प्रति जागरूकता पैदा करना।

(ख) सैनिक/सैनिक परिवार की देखभाल: सेवारत सैनिकों तथा भूतपूर्व सैनिकों के परिवारों के कल्याण की निगरानी करना एवं उन्हें स्थानीय प्रशासन अथवा रक्षा अधिकारियों के साथ उनके मामलों का प्रतिनिधित्व करने में सहायता प्रदान करना।

(ग) सैनिक समस्याएं/रोजगार: प्रत्येक जिला सैनिक कल्याण केंद्र एवं राज्य सैनिक बोर्ड के कार्यरत कल्याण आयोजकों को सैनिकों की समस्याओं रोजगार एवं पुनर्वास के बारे में जरूरतमंद सैनिकों को यथा संभव सहयोग प्रदान करना।

(घ) सशस्त्र सेनाओं की जानकारी: सशस्त्र सेनाओं की सेवा की शर्तों के बारे में आम जनता को जानकारी देना एवम सेना में भर्ती होने वालों नवजवानों को उपयुक्त भर्ती अधिकारी से संपर्क कराना ।

(च) पेंशन/शिकायत निपटारा: एक्स सर्विसमैन के पेंशन संबंधी समस्यों को हल करने में मदद करना।

(छ) वित्तीय सहयोग: पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की वित्तीय तथा अन्य समस्या सम्बन्धी आवेदनों की जाँच करके सम्बंधित संस्थाओं को प्रेषित करना।

(ज) वित्तीय आवेदन अग्रेषित करना: भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) अन्य श्रोतों से मिलने वाली सहायता की जानकारी देना एवं जरूरतमंद सैनिकों एवं उनके आश्रितों के आवेदन की सिफ़ारिश करना।

2. पारंपरिक गतिविधियों: जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों (District Soldier Welfare Offices) द्वारा निम्नलिखित गतिबिधियाँ और ऐसी सभी पारंपरिक गतिविधियों को शामिल करना जो पहले से ही इन कार्यालयों द्वारा निभाई जा रही हैं:-

(क) वित्तीय लाभ: जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों द्वारा पूर्व सैनिकों के वित्तीय सम्बन्धी सेवानिवृत्ति पेंशन/सेवामुक्त लाभ तथा अन्य वित्तीय लाभ के साथ साथ भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को केन्द्र सरकार / राज्य सरकारों या भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी आदि जैसे अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों से सहायता प्रदान करने में मदद करना।

(ख) भूमि सम्बन्धी विवाद: भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के भूमि सम्बन्धी और अन्य विवादों के निपटान के लिए सहायता प्रदान करना।

(ग) परिवार की देखरेख: जिला सैनिक कल्याण कर्यालयों द्वारा सेवारत सैनिकों की अनुपस्थिती में उनके परिवार की देख भाल करना, जब वे अपनी ड्यूटी के दौरान बाहर रह रहे हों।

(घ) मार्गदर्शन: राज्य राज्य सैनिक बोर्डों के मार्गदर्शन में पूर्व सैनिकों के लिए रेस्ट हाउस, बुजुर्ग पेंशनरों के घर, व्यावसायिक तथा अन्य प्रशिक्षण सुविधाओं और सेवारत सैनकों एवम पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए छात्रावास आदि कल्याणकारी योजनाओं को जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों द्वारा लाभार्थियों तक पहुँचाना एवं उनकी जानकारी प्रदान करना।

(च) चिकित्सा: डिस्ट्रक्ट सैनिक बोर्ड द्वारा सेवारत पूर्व सैनिकों/आश्रित परिवारों को आवश्य्कतानुसार सैन्य / सिविल अस्पतालों में चिकित्सा उपचार के लिए सहायता प्रदान करना।

(छ) कल्याणकारी योजनाएं: जिले में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों / आश्रितों के लिए अतिरिक्त कल्याणकारी तथा रियायती स्रोतों को बढ़ाने के लिए अन्य कल्याणकारी संगठनों जैसे भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, एनजीओ और स्वैच्छिक एजेंसियों से जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों द्वारा संपर्क स्थापित करना।

(ज) रजिस्टर: युद्ध विधवाओं, आश्रितों एवम अक्षम लोगों के कल्याणकारी योजनाओं को तत्परता से उन तक पहुँचाने के लिए रजिस्टर एवं दस्तावेज को हमेसा तैयार रखना।

(झ) न्यायालय सम्बन्धी मामले: न्यायालय सम्बंधित मामलों में केन्द्र्य सैनिक बोर्ड, रक्षा मंत्रालय (भारत सरकार) का प्रतिनिधित्व करने के लिए उनके अधिकार क्षेत्र में इन संगठनों को प्रतिवादी बनाया गया हो, जानकारी प्रदान करना।

(ट) फॅमिली पेंशन: भूतपूर्व सैनिकों फॅमिली पेंशन धारक एवं उनके आश्रितों को पूर्व-सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के बारे में जानकारी प्रदान करना।

(ठ) ZSB/ZSWO निरिक्षण: प्रत्येक जिला सैनिक बोर्ड को सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका जिला सैनिक कार्यालय हर वर्ष राज्य सैनिक बोर्ड के निदेशक द्वारा विधिवत निरिक्षण किया गया है।

3. पुनर्वास एवम रोजगार: भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास, रोजगार एवम कल्याणकारी योजनाओं के सन्दर्भ में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय तथा राज्य सैनिक बोर्ड कार्यलय की जिम्मेदारियां निम्नलिखित प्रकार से हैं:-

(क) रोजगार एजेंसी से संपर्क: पूर्व सैनिकों के रोजगार तथा पुनर्वास के उद्देश्य से बिभिन्न एजेंसियों से प्रभवशाली संपर्क बनाने के लिए निम्नलिखित कार्य करना:-

(i) डिस्ट्रक्ट लेवल, स्टेट लेवल, केंद्र लेवल संपर्क: स्थानीय स्तर, राज्य स्तर, केंद्र स्तर एवं निजी औद्योगिक संगठनो से संपर्क करना।

(ii) स्थानीय रोजगार: पूर्व सैनकों पुनः रोजगार के लिए विशेष रूप से नजदीकी / जिला रोजगार कार्यालयों और स्थानीय रोजगार कार्यालयों से से संपर्क बनाये रखना जहाँ भी पूर्व सैनिकों को स्थानीय रोजगार मिल सके।

(iii) राजस्व अधकारियों से संपर्क: पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और लाभकारी योजनाओं से सम्बंधित स्थानीय राजस्व अधकारियों से जमीनी स्तर पर संपर्क स्थापित करना।

(iv) लघु उद्योग: लघु उद्योग की स्थापना के इच्छुक भूतपूर्व सैनकों की साहयता के लिए जिला विकास कार्यालय और ब्लॉक विकास कार्यालयों से सम्बन्ध स्थापित करना तथा सम्बंधित विकास योजनाओं के कर्यान्वित हेतु पूर्व सैनिकों की सहायता करना।

(v) स्व रोजगार: पूर्व सैनिकों को अपने स्वयं के रोजगार सम्बंधित सहकारी समितियों को बनाने और स्थापित करने में भूतपूर्व सैनकों के सहायता करना।

(vi) पुनर्वास सहायता: युद्ध विधवाओं, आश्रितों और युद्ध विकलांगों के साथ साथ सैन्य सेवा के दौरान मृतक/विकलांग पूर्व सैनिकों के लिए पुनर्वास सम्बंधित सभी प्रकार की सहायता प्रदान करना।

(vii) पुनर्वास योजना ऋण: स्व-रोजगार उद्यमों के लिए परियोजना रिपोर्ट तैयार करने और डीजीआर पुनर्वास योजनाओं के तहत ऋण प्राप्त करने में भूतपूर्व सैनिकों की सहायता करना।

4. अन्य जिम्मेदारियां: जिला सैनिक कल्याण कार्यालय एवम जिला सैनिक बोर्ड तथा राज्य सैनिक बोर्ड की अन्य जिम्मेदारियां निम्नलिखित हैं:-

(क) सशस्त्र सेना झंडा दिवस: प्रेसीडेंट (कलेक्टर) जिला सैनिक बोर्ड के तत्वावधान में सशस्त्र सेना झंडा दिवस की ब्यवस्था करना, ध्वज दिवस निधि तथा अन्य निधि अधिकृत निधि फण्ड बढ़ाने के लिए कार्य करना।

(ख) Reunion of Ex-Servicemen: जिला सैनिक कल्याण केंद्र द्वारा पूर्व सैनिकों पूर्व सैनिकों के पुनर्मिलन हत्य रैलियां करना एवं भूतपूर्व सैनिकों एवं सैन्य विधवाओं की समस्याओं को हल करने के लिए महीने में एक बार जिला सैनिक बोर्ड की अध्यक्षता (डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर) में भूतपूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं के कल्याण के लिए मीटिंग कराना।

(ग) Educational/Vocational Training: पूर्व-सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए शैक्षिक और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए सुविधायें उपलब्ध करना ताकि उन्हें रोजगार मिल सके अथवा स्वयं रोजगार उद्यम स्थापित कर सकें।

(घ) सशस्त्र सेना भर्ती जानकारी: सेना भर्ती, नौसेना भर्ती, वायु सेना भर्ती जानकारी का प्रचार प्रसार करना।

(च) राष्ट्रीय आपदा: जिला सैनिक बोर्ड/जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा देश में राष्ट्रीय आपदा के समय सशस्त्र बलों प्रदान के गई सेवाओं को सुचाररूप से संचालित करना।

(छ) वीरता पुरस्कार: जिला सैनिक बोर्ड/जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा वीरता पुरस्कार, गैलेंट्री अवार्ड्स एवम अन्य सैन्य अलंकरण के बारे में विज्ञापन प्रसारित करना।

(ज) कल्याणकारी योजनायें: जिला सैनिक बोर्ड/जिला सैनिक कल्याण कार्यालय द्वारा सेवारत सैनिकों और उनके परिवारों को कल्याणकारी योजनाओं से परिचय कराना।

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