राम नाथ कोविन्द चरित्र चित्रण, जीवनी, जाति, धर्म एवं विशेषताएं Ramnath Kovind Biography in Hindi

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भारत के राष्ट्रपति की विशेषताएं

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नाम श्री राम नाथ कोविंद
जाति कोरी (कोली), अनुसूचित जाति
जन्म 01 अक्टूबर 1945
जन्म स्थान गांव परौंख, तहसील डेरापुर कानपुर देहात
ब्यवसाय समाज सेवा, वकालत, राजनीति, राज्यपाल, भारत के राष्ट्रपति
राजनितिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी
निर्वाचन क्षेत्र
घाटमपुर, कानपुर
धर्म हिन्दू
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर निवास झींझक, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश
वैवाहिक जीवन
विवाहित
पत्नी एवं परिवार रामनाथ कोविंद ने 30 मई 1974 को सविता कोविंद से विवाह किया था।
पुत्र एवम पुत्री रामनाथ कोविंद के बेटे प्रशांत कुमार और बेटी स्वाती कोविंद हैं
राम नाथ कोविंद की शिक्षा
प्रारंभिक शिक्षा

संदलपुर ब्लाक के ग्राम खानपुर परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हुई।
इंटर मीडिएट बीएनएसडी इंटरमीडिएट कॉलेज कानपुर नगर
स्नातककानपुर विश्वविद्यालय (उत्तर प्रदेश) से बीकॉम, एलएलबी
  • श्री आर एन कीविद को दिनांक 20 जुलाई 2017 को भारत के चौदहवें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है।
  • श्री राम नाथ कोविन्द का नाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 19 जून 2017 को एनडीए के सर्वसम्मत राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में घोषित किया था।
  • श्री राम नाथ कोविन्द का सम्बन्ध कोरी या कोली जाति से है जो उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के अंतर्गत आती है।
  • राम नाथ कोविन्द का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की (वर्तमान में कानपुर देहात जिला), तहसील डेरापुर के एक छोटे से गांव परौंख में हुआ था।
  • रामनाथ कोविद की प्रारंभिक शिक्षा संदलपुर ब्लाक के ग्राम खानपुर परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय हुई।
  • रामनाथ कोविद कानपुर नगर के बीएनएसडी इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद डी ए बी कॉलेज से बी कॉम व डीएवी लॉ कालेज से विधि स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
  • रामनाथ कोविद, जून 1975 में आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार बनने पर वे वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव रहे थे।
  • उन्होंने जनता पार्टी की सरकार में सुप्रीम कोर्ट के जूनियर काउंसलर के पद पर कार्य किया।
  • राम नाथ कोविन्द राज्यसभा सदस्य एवं बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं।
  • कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के गांव परौंख में जन्मे रामनाथ कोविंद ने सर्वोच्च न्यायालय में वकालत से कॅरियर की शुरुआत की।
  • श्री कोविन्द ने वकालत की उपाधि लेने के पश्चात दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की। वह 1977 से 1979 तक दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के वकील रहे।
  • श्री राम नाथ कोविन्द वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई के निजी सचिव बने। इसके बाद भाजपा नेतृत्व के संपर्क में आए।
  • वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में सम्मिलित हो गये।
  • श्री राम नाथ कोविन्द वर्ष 1994 में उत्तर प्रदेश राज्य से राज्य सभा के निर्वाचित हुए।
  • श्री राम नाथ कोविन्द वर्ष २००० में पुनः उत्तरप्रदेश राज्य से राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए।
  • इस प्रकार श्री कोविन्द लगातार 12 वर्ष तक राज्य सभा के सदस्य रह चुके हैं।
  • वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुके हैं।
  • श्री कोविंद ने 1993 से लगभग 16 वर्षों तक दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में अभ्यास किया है।
  • रामनाथ कोविंद ने डॉ बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य के रूप में सेवा की है।
  • श्री रामनाथ कोविंद भारतीय प्रबंधन संस्थान, कोलकाता के गवर्नर्स बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं।
  • रामनाथ कोविंद ने संयुक्त राष्ट्र में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया और अक्टूबर, 2002 में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर चुके हैं ।
  • श्री कोविंद संसद के सदस्य रूप में थाईलैंड, नेपाल, पाकिस्तान, सिंगापुर, जर्मनी, स्विटजरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा कर चुके हैं।
  • श्री राम नाथ कोविन्द 08 अगस्त 2015 को बिहार के राज्यपाल के पद पर नियुक्ति हुई।
  • श्री रामनाथ कोविन्द भाजपा दलित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय कोली समाज अध्यक्ष भी रहे।
  • श्री राम नाथ कोविन्द वर्ष 1986 में दलित वर्ग के कानूनी सहायता ब्युरो के महामंत्री भी रह चुके हैं।
  • श्री राम नाथ कोविन्द को पार्टी ने वर्ष 1990 में घाटमपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया लेकिन वह चुनाव हार गए।
  • वर्ष 1993 व 1999 में पार्टी ने उन्हें प्रदेश से दो बार राज्यसभा में भेजा।
  • पार्टी के लिए दलित चेहरा बन गये श्री राम नाथ कोविन्द, अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रवक्ता भी रहे।

समाज सेवा: रामनाथ कोविद तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उन्होंने परौख गांव का अपना पैतृक मकान बारात -शाला के रूप में दान कर दिया है। उनके बड़े भाई प्यारेलाल व स्वर्गीय शिवबालक राम हैं।

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3 Comments

  1. Amit Tiwari
  2. Akhand Pratap Singh
    • S. N. Yadav

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