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नाथ परंपरा में इस्लाम धर्म गोरखनाथ मठ गोरखपुर

नाथ परंपरा में इस्लाम धर्म गोरखनाथ मठ गोरखपुर 

1.    सूफी परंपरा: इस्लाम की सूफी परंपरा में भी नाथ योगी होते हैं।

2.   प्रमुख ग्रन्थ गोरखवाणी: नाथ योगियों का प्रमुख ग्रन्थ गोरखवाणी है, गोरखवाणी में “मोहम्मद बोध” नाम का एक अध्याय है जिसका सभी नाथ योगी छै हिन्दू हों या मुस्लमान सभी पालन करते हैं।

3.   सर्वधर्म समान:  गोरखनाथ मठ के अंदर हर धर्म एवं जाती के लोगों को पूरी छूट है।

4.   कट्टरपंथी मुसलमानों का जुल्म: गोरखनाथ पीठ की अच्छाइयां वहाबी मुसलमानों को कभी पसंद नहीं आई एवम मुस्लिम बादशाहों ने इस मंदिर को तीन बार तुड़वा दिया था :-

  • सबसे पहले गोरखनाथ मंदिर को अलाउद्दीन ने तुड़वा दिया था।
  • दूसरी बार इस मंदिर को बाबर ने तुड़वाया था।
  • तीसरी बार गोरखनाथ के मंदिर को औरंजेब ने पूरी तरह से नष्ट कर दिया था।

5.   गोरखनाथ मंदिर निर्माण:  इतने मुसलमानी अत्याचार के बावजूद गोरखनाथ के मंदिर का निर्माण उसी स्थान पर हुआ है।

6.   मुस्लिम धर्म में सन्यास: नाथ परंपरा से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में मुसलमानो ने भी सन्यास धर्म ग्रहण करके योग का रास्ता अपनाया है। आज भी कट्टरपंथययों के आँखों में गोरखनाथ मठ चुभता रहा है किन्तु वे गोरखनाथ मठ को जबरजस्ती धर्मातरण का आरोप नहीं लगा पा रहें हैं।

योगी आदित्यनाथ की जीवनी, जाति, धर्म एवं राजनीतिक विशेषताएं 

जाति पांति पूछै नहीं कोई, हरी का भजै सो हरी का होइ आदित्यनाथ योगी                  

इस्लाम धर्म में नाथ परंपरा  गोरखनाथ मठ गोरखपुर