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जाति पांति पूछै नहीं कोई, हरी का भजै सो हरी का होइ आदित्यनाथ योगी

  • ‘जाति पांति पूछै नहीं कोई, हरी का भजै सो हरी का होइ’ गोरखनाथ मठ और नाथ परंपरा एवं नाथ संप्रदाय का मूल मंत्र है जिसका उद्देश्य जाति बिहीन हिन्दू समाज की स्थापना करना रहा है।
  • जोगी आदित्यनाथ का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है और वे उत्तराखंड के राजपूत जाती से हैं।
  • आदित्यनाथ ने दीक्षा लेते समय अपना तथा अपने साथ साथ पुरे परिवार एवं जाती का परित्याग कर दिया था सही मायने में देखा जाय तो योगी आदित्य नाथ उत्तर प्रदेश के जाती रहित प्रथम मुख्य मंत्री हैं।
  • राजपूत परिवार में जन्म लेने के बावजूद नाथ संप्रदाय के साधु के रूप में दीक्षा ली महंत, संत, योगी बन गए।
  • गोरखनाथ मठ में किसी प्रकार की जाती पैंटी का कोई भेद भाव की जगह नहीं है यही कारण है की योगी आदित्य नाथ के समर्थकों में एवं गोरखनाथ पीठ के भक्तों की संख्या में पिछड़े और दलित वरह की संख्या सबसे जादा है।

नाथ परंपरा एवं नाथ संप्रदाय

  • कुछ विद्वानों का मत है की ग्यारहवी बारहवीं शताब्दी के मध्य में गोरखनाथ, वर्तमान में पाकिस्तान अथवा अफगानिस्तान के किसी क्षेत्र से नेपाल ए थे।
  • गुरु गोरखनाथ ने नेपाल में कई वर्षों तक साधना की थी तत्पश्चात गोरखपुर आ गए थे।
  • गोरखनाथ ने ही गरखपुर में प्रमुख मठ की स्थापना की थी जिससे उनके नाम पर हे आज गोरखपुर नाम पद गया है और वर्तमान में योगी आदित्यनाथ ही गोरखनाथ मठ के प्रमुख महंत हैं।
  • नाथ संप्रदाय में हठ योग का सबसे जड़ महत्व है।
  • नाथ परंपरा दुछ गिनी चुनी परम्पराओं में से एक है जिसका साहित्य देश में मिलता है।
  • नाथ संप्रदाय के आराध्य महंत गोरखनाथ ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए सम्पूर्ण भारत में उत्तर से दक्षिण एवं पूर्व से पशिम में मठों की स्थापना की थी।
  • महंत गोरखनाथ ने हठ योग को सम्पूर्ण देश में पहुँचाया एवं नाथ यौगियों की परंपरा की सुरुआत की थी।

नाथ परंपरा में जाति पाति के लिए कोई स्थान नहीं है

  • नाथ संप्रदाय में जाति पाति के आधार पर श्रेष्ठता या निकृष्टता की कोई मान्यता बिलकुल नाम मात्र भी नहीं है।
  • नाथ परम्परा में जाति पाति को सिर्फ सामाजित ब्यस्था के लिए माना जाता है।
  • नाथ संप्रदाय में सबसे जादा भक्त पिछड़ी एवं दलित जाती से हैं।
  • जाति पाति एक अछूत सामाजिक बुराई है जिसे दूर करने के लिए नाथ संप्रदाय का बहुत बड़ा योगदान माना जाता है।
  • इस्लामिक आक्रमण के दौर में योग के शिक्षा देने वाले योगियों दे सम्पूजर्ण राष्ट्र में शिव भक्ति का भाव जगाया एवं जाती पाति में बट चुके भारतीय समाज के अनेक जातियों को न केवल अपना शिष्य बनाया बल्कि इस्लाम धर्म को अपनाने से रोक लगाई है।

योगी आदित्यनाथ की जीवनी, जाति, धर्म एवं राजनीतिक विशेषताएं 

जाति पांति पूछै नहीं कोई, हरी का भजै सो हरी का होइ आदित्यनाथ योगी                  

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